ब्रह्मचर्य – चौथा यम: अर्थ, लाभ, अभ्यास करने के तरीके

ब्रह्मचर्य शब्द संस्कृत के दो शब्दों से बना है, “ब्राह्मण” का अर्थ है दिव्य या पूर्ण चेतना और “चरRead More…